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तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में, कनॉट प्लेस में भारी सुरक्षा, SC ने भी नहीं दी तत्काल सुनवाई

तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया। कनॉट प्लेस में सुरक्षा बढ़ी, जबकि सेंट्रल पार्क बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Connaught Place Central Park: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, दिपके कनॉट प्लेस जाने की कोशिश कर रहे थे। शुक्रवार शाम पांच बजे प्रस्तावित मार्च को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। वहीं, कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को आम लोगों के लिए बंद करने के NDMC के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका पहुंची, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।

मार्च से पहले दिपके के घर पहुंची पुलिस

दिल्ली पुलिस की टीम शुक्रवार को दिपके के झंडेवालान स्थित आवास पर पहुंची। बताया गया कि यह उनके दोस्त का घर है। अधिकारियों के अनुसार, करीब 15 से 20 पुलिसकर्मी मार्च नहीं निकालने का नोटिस देने पहुंचे थे। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं करने की अपील की। अधिकारियों ने सेंट्रल पार्क के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का भी हवाला दिया।


गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च का ऐलान

CJP ने अपने सदस्यों आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के मामले में जेल भेजे जाने का आरोप लगाया है। इसी के विरोध में दिपके ने सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने की घोषणा की थी। हालांकि, प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई की।

कनॉट प्लेस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली क्षेत्र में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियां तैनात की गईं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। NDMC ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया। इससे आसपास के दुकानदारों और कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठे।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार

पार्क बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे। पीठ ने छोटे दुकानदारों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का भी उल्लेख किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने संकेत दिया कि यदि सुरक्षा के नाम पर उठाए गए कदम जरूरत से ज्यादा सख्त पाए जाते हैं, तो वह हस्तक्षेप कर सकती है।

याचिका पर 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना जताई गई। इस पूरे घटनाक्रम में अब निगाहें प्रस्तावित मार्च, पुलिस की कार्रवाई और सेंट्रल पार्क बंद रखने के फैसले पर आगे होने वाली कानूनी सुनवाई पर टिकी हैं।

ये भी पढ़ें: दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च से पहले पुलिस सख्त, अभिजीत दिपके को मिला प्रदर्शन रोकने का नोटिस

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